बारामूला में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी… आतंकियों का मददगार गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इ बीच सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. बारामूला जिले में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संयुक्त अभियान चलाकर एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) को हथियारों और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक उसके कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस और अन्य सामान बरामद किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों ने इसे आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता बताया है. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के तहत बारामूला के नरवाव क्षेत्र में जंदफरन-गोरीवन क्रॉसिंग पर संयुक्त नाका लगाया गया था. भारतीय सेना (46 राष्ट्रीय राइफल्स), SOG बारामूला, CRPF की 53वीं बटालियन और BSF की 112वीं बटालियन ने मिलकर यह जॉइंट नाका (चेकपोस्ट) लगाया था. नाका देख भाग रहा था संदिग्ध व्यक्ति चेकिंग के दौरान, गोरीवान की तरफ से आ रहा एक संदिग्ध व्यक्ति नाका पार्टी को देखकर भागने की कोशिश करने लगा. इसी दौरान सतर्क जवानों ने तुरंत उसका पीछा किया और और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया. हथियार और पोन बरामद गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके पास से एक कैमोफ़्लाज्ड MP-5 टाइप पिस्तौल, एक मैगज़ीन जिसमें 10 ज़िंदा 9mm राउंड थे, एक मोबाइल फ़ोन और एक काला बैकपैक बरामद हुआ है, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने अपने कब्जे में ले लिया है. पकड़े गए व्यक्ति की पहचान पकड़े गए व्यक्ति की पहचान एजाज़ अहमद गनी के तौर पर हुई है, जो मोहम्मद सुल्तान गनी का बेटा है. एजाज़ नंबलन, शीरी का रहने वाला है. शीरी पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत एक FIR (नंबर 37/2026) दर्ज की गई है. फिलहाल एजाज़ से पूछताछ की जा रही है कि उसके पास ये हथियार कहां से आए और वो किन लोगों के संपर्क में था. आगे की जांच जारी है. दो मजदूरों की हुई थी हत्या यह गिरफ्तारी कुलगाम में हुए आतंकी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत के कुछ दिनों बाद हुई है. शुक्रवार देर शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में एक ईंट भट्ठे पर आतंकवादियों के हमले में 20 वर्षीय दीपक रात्रि बोपिंदर की मौत हो गई थी. दोनों ही छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे. दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकी बोपिंदर ने इलाज के दौरान शनिवार को दम तोड़ दिया था. सूबे के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कईन नेताओं ने इस जघन्य हत्या की निंदा की थी.