क्या नाटो से अलग होगा अमेरिका? अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप के सांसद ने पेश किया बिल
शीतयुद्ध के दौर में नाटो की स्थापना की गई थी. इसका उद्धेश्य सोवियत के प्रभुत्व को रोकना था, लेकिन अब अमेरिका के लिए यह भार बनता जा रहा है. ट्रंप ने सांसद थॉमस मैसी ने इससे अलग होने की मांग की है. मैसी का कहना है कि यह अमेरिका के हित में होगा.
रूस और यूक्रेन में जारी जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप के सांसद थॉमस मैसी ने अमेरिकी कांग्रेस में एक बिल पेश किया गया है. थॉमस ने बिल के जरिए अमेरिका को नाटो से अलग करने की मांग की है. थॉमस का कहना है कि नाटो एक ट्रस्टेड ऑर्गेनाइजेशन नहीं है, इसलिए तुरंत अमेरिका इससे अलग हो जाए. थॉमस के इस बिल पर डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
नाटो एक मिलिट्री गठबंधन है, जिसमें 32 देश शामिल हैं. इनमें 30 यूरोप के और 2 नॉर्थ अमेरिका के हैं. नाटो का मकसद का राजनीतिक और सैन्य साधनों के माध्यम से अपने सदस्यों की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी देना है.