कैसे पानी बन गया ‘जहर’? किसी को ब्रेन ट्यूमर तो कोई जन्म से दिव्यांग
कानपुर में टेनरियों के जहरीले कचरे ने पानी को इतना प्रदूषित कर दिया है कि जाना गांव के बच्चे जन्मजात दिव्यांगता, स्किन रोग, किडनी और लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. यहां के पानी में आर्सेनिक और क्रोमियम की भारी मात्रा पाई गई है.
पानी…जो जिंदगी की सबसे बुनियादी जरूरत है. लेकिन सोचिए, अगर वही पानी किसी गांव के लिए ज़िंदगी नहीं, बीमारी बन जाए तो? उत्तर प्रदेश के कानपुर के जाना गांव की यही सच्चाई है, जहां गंगा का पानी पीने से लोग डरने लगे हैं. नदी में बह रहे जहरीले नालों ने पूरे इलाके को बीमारी के साए में धकेल दिया है.
क्या सिस्टम की लापरवाही से गंगा का पानी जहरीला हो रहा है? ये सवाल इसलिए हैं, क्योंकि कानपुर के ‘जाना’ गांव में लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. महाराजपुर के जाना गांव में जितने लोग हैं, उतनी ही कहानियां इनके दर्द की हैं. कोई चल नहीं पाता, कोई बोल नहीं पाता, कोई जन्म से ही दिव्यांग है और कोई धीरे-धीरे मौत की तरफ बढ़ रहा है.